मुंबई: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ते आर्थिक व रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए पांच प्रमुख यूरोपीय देशों में सक्रिय 'यूरोबैंक' (Eurobank) ने भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में अपने पहले प्रतिनिधि कार्यालय की स्थापना की है। यह भारत के बैंकिंग इतिहास में एक युगांतरकारी क्षण है, क्योंकि यह देश में ग्रीस (यूनान) और साइप्रस के किसी वित्तीय संस्थान की पहली भौतिक उपस्थिति (Physical Presence) है। इस ऐतिहासिक कार्यालय का भव्य उद्घाटन साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया, जिसमें भारत, यूनान और साइप्रस के वरिष्ठ राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों और शीर्ष उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।
यूरोबैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) फोकियन करावियास ने इस रणनीतिक विस्तार पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई का यह नया केंद्र केवल एक प्रशासनिक कार्यालय नहीं, बल्कि यूरोप में पैर पसारने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए एक मजबूत सेतु का काम करेगा। बैंक मुख्य रूप से व्यापारिक गठजोड़ को बढ़ावा देने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने और भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में सुगमता से प्रवेश दिलाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह पहल भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए एक महत्वपूर्ण संबल साबित होगी।
यूरोबैंक वर्तमान में यूनान, साइप्रस, लक्ज़मबर्ग, बुल्गारिया और ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर परिचालन करता है, जिससे भारतीय व्यवसायों को एक ही खिड़की के माध्यम से पांच बड़े यूरोपीय बाजारों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त, वित्तीय समावेशन और प्रवासियों की सुविधा के लिए बैंक ने भारत के डिजिटल यूपीआई (UPI) प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए ग्रीस से भारत के लिए एक अत्याधुनिक सीमा-पार प्रेषण (Cross-Border Remittance) सेवा भी शुरू की है, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच धन प्रेषण बेहद सुरक्षित और त्वरित हो जाएगा।