मुंबई: महाराष्ट्र में प्रशासनिक खर्चों में कटौती और राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा साहसिक कदम उठाया है। बुधवार, 13 मई 2026 को मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के सभी आगामी विदेश दौरों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया है। यह निर्देश उन यात्राओं पर भी लागू होगा जिन्हें पहले ही आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी थी।
मितव्ययिता और ईंधन संरक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील के बाद फडणवीस सरकार ने राज्य में 'मितव्ययिता अभियान' (Austerity Drive) शुरू किया है।
-
काफिले में कटौती: मुख्यमंत्री ने अपने स्वयं के और सभी मंत्रियों के सुरक्षा काफिले (Convoy) में वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत कम करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य न केवल ईंधन बचाना है, बल्कि आम जनता को होने वाली असुविधा को भी कम करना है।
-
डिजिटल गवर्नेंस: अब अंतरराष्ट्रीय बैठकों और परामर्शों के लिए विदेश जाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला स्तर के अधिकारियों को भी अब अनावश्यक रूप से मंत्रालय नहीं बुलाया जाएगा।
सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहन
सरकारी फिजूलखर्ची रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लग्जरी के बजाय लोक सेवा के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया है।
-
मेट्रो और बस का उपयोग: मंत्रियों और अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
-
ईवी (EV) की ओर कदम: शासन ने सरकारी बेड़े में पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अब सरकारी विमानों और हेलीकॉप्टरों का उपयोग भी सीमित कर दिया गया है।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने भी मुख्यमंत्री के इस अभियान का समर्थन करते हुए अपने काफिले को छोटा करने के निर्देश दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इन कदमों से राज्य के खजाने पर करोड़ों रुपये का बोझ कम होगा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी मुद्रा के संरक्षण में मदद मिलेगी।