आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच वानखेड़े स्टेडियम में कुछ ऐसा हुआ, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों और जानकारों को हैरान कर दिया। आमतौर पर एक टी-20 मैच में प्लेइंग-11 और एक 'इम्पैक्ट प्लेयर' को मिलाकर कुल 12 खिलाड़ी मैदान पर दिखते हैं, लेकिन इस मैच में मुंबई इंडियंस ने कुल 13 खिलाड़ियों का इस्तेमाल किया। इस अनोखी घटना के पीछे 'कन्कशन सब्स्टीट्यूट' का नियम और मैदान पर हुई एक चोटिल घटना थी।
मिचेल सैंटनर की चोट और कन्कशन नियम
मैच की पहली पारी के 17वें ओवर में मुंबई के कीवी स्पिनर मिचेल सैंटनर बाउंड्री पर कार्तिक शर्मा का कैच लपकते समय चोटिल हो गए। शुरुआत में लगा कि उनके कंधे में गंभीर चोट आई है, लेकिन विस्तृत जांच और रीप्ले में सामने आया कि गिरने के दौरान उनका सिर भी जमीन से टकराया था। कन्कशन सब्स्टीट्यूट (Concussion Substitute) के नियमों के तहत, यदि किसी खिलाड़ी के सिर या गर्दन में चोट लगती है, तो टीम उसकी जगह एक 'लाइक-टू-लाइक' (एक जैसा) खिलाड़ी ले सकती है। इसी आधार पर मुंबई ने शार्दुल ठाकुर को मैदान पर उतारा।
अंपायर के फैसले पर क्यों मचा बवाल?
विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर फैंस ने अंपायर के फैसले पर सवाल उठाए। कई लोगों का तर्क था कि चोट मुख्य रूप से कंधे की थी, जिसे कन्कशन के दायरे में नहीं आना चाहिए। हालांकि, मेडिकल प्रोटोकॉल के बाद अंपायरों ने 13वें खिलाड़ी के तौर पर शार्दुल को अनुमति दे दी। चूंकि मुंबई पहले ही अल्लाह गजनफर की जगह दानिश मालेवार को 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में इस्तेमाल कर चुकी थी, इसलिए शार्दुल ठाकुर टीम का हिस्सा बनने वाले 13वें खिलाड़ी बने। भले ही मुंबई को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन नियमों के इस जाल ने इस मुकाबले को इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया।